Reported by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर । जिले में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान और उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत बुधवार को विधानसभा स्तरीय वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी ने रोजगार की जरूरत और सरकारी स्तर पर रोजगार मेलों की उपयोगिता दोनों को सामने रखा।
जिला सेवायोजन कार्यालय और देवी सिंह स्मारक महाविद्यालय, राजनौली सिरसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रोजगार मेले में लगभग 1,573 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 642 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को मौके पर नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हैसर बाजार की ब्लॉक प्रमुख कालिंदी चौहान उपस्थित रहीं। इस दौरान जिला सेवायोजन अधिकारी माधवी उपाध्याय, राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य अजय कुमार, देवी सिंह स्मारक महाविद्यालय की प्रबंधक डॉ. पूजा सिंह कौशिक और प्राचार्य दीपक प्रताप सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
40 फीसदी से अधिक अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन, लेकिन आगे की तस्वीर अहम
आंकड़ों के लिहाज से देखें तो मेले में शामिल 1,573 अभ्यर्थियों में से 642 का प्रारंभिक चयन हुआ, यानी करीब 41 प्रतिशत अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने का अवसर मिला। नियुक्ति पत्र वितरण निश्चित रूप से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन रोजगार मेले की वास्तविक सफलता केवल चयन के आंकड़े से तय नहीं होगी।
यह देखना भी जरूरी होगा कि चयनित युवाओं में कितने अभ्यर्थियों को वास्तव में निर्धारित शर्तों के अनुसार रोजगार मिलता है, कितने पदों पर नियुक्ति स्थायी अथवा संविदात्मक है, वेतन कितना है और नियुक्ति के बाद कितने युवा संबंधित संस्थानों में काम शुरू करते हैं।
करियर काउंसलिंग भी साथ, रोजगार के साथ दिशा देने की कोशिश
रोजगार मेले के साथ करियर काउंसलिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को उपलब्ध रोजगार अवसरों के साथ करियर के विभिन्न विकल्पों और आगे की संभावनाओं की जानकारी देना रहा।
समीक्षात्मक रूप से देखें तो 1,573 युवाओं का एक मंच पर पहुंचना रोजगार की मांग का बड़ा संकेत है। 642 प्रारंभिक चयन उत्साहजनक आंकड़ा जरूर है, लेकिन अब प्रशासन और रोजगार से जुड़े संस्थानों के सामने अगली चुनौती इन चयनित युवाओं को वास्तविक और टिकाऊ रोजगार से जोड़ने की है। रोजगार मेले का अंतिम मूल्यांकन तभी संभव होगा, जब प्रारंभिक चयन से आगे बढ़कर नियुक्ति और नौकरी में बने रहने का आंकड़ा भी सामने आए।


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