महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा, आरोपी दुर्गविजय उर्फ दुरविजय न्यायालय भेजा गया; अंधविश्वास के नाम पर शोषण के आरोप ने फिर खड़े किए जागरूकता के सवाल
संतकबीरनगर। झाड़-फूंक के नाम पर दुष्कर्म किए जाने के आरोप में धनघटा पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ 10 अक्टूबर 2026 को महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान **दुर्गविजय उर्फ दुरविजय पुत्र रामकरन सिंह**, निवासी ग्राम औराडांड, थाना धनघटा, जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध थाना धनघटा में मुकदमा संख्या 690/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1) और 351(3) में मामला दर्ज किया गया है।
झाड़-फूंक के नाम पर शोषण का आरोप
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को पीड़िता ने थाना धनघटा में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने झाड़-फूंक के नाम पर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। इसके बाद 12 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है। पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है।
अंधविश्वास और शोषण के मामलों में जागरूकता जरूरी
झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी कथित चमत्कारी उपचार के नाम पर लोगों को भ्रमित करने और शोषण करने की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता के साथ यह समझना भी जरूरी है कि किसी व्यक्ति के धार्मिक विश्वास या मजबूरी का फायदा उठाकर अपराध करना कानूनन कार्रवाई का विषय हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति के साथ दबाव, धोखे या हिंसा के जरिए अपराध होता है, तो उसे बिना भय पुलिस से संपर्क करना चाहिए। वहीं, ऐसे मामलों की जांच में पीड़ित के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण जरूरी है, ताकि दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह की टीम द्वारा की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मैनेजर यादव और कांस्टेबल ऋषिकेश यादव शामिल रहे।
समीक्षात्मक दृष्टि से, इस मामले में गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई का एक चरण है। अब आरोपों की निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, समाज में अंधविश्वास के नाम पर संभावित शोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।
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