- बेलहर कलां के मंझरिया पठान गांव का मामला, ग्रामीणों ने जांच कर कार्रवाई की उठाई मांग
Report by- Rajkuar Yadav, edited by-Mohammad Sayeed Pathan
बेलहर कलां (संतकबीरनगर)। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना पर विकास खंड बेलहर कलां की ग्राम पंचायत मंझरिया पठान में वसूली के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आवास दिलाने के नाम पर प्रति लाभार्थी दो-दो हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीण चनपति, पहलेज और पप्पू समेत अन्य लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम शामिल कराने और पहली किस्त जारी कराने के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, रुपये नहीं देने पर सूची से नाम कटवाने और सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने की धमकी भी दी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गरीबों के लिए बनी योजना में वसूली के आरोप गंभीर
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि आवास का लाभ दिलाने के नाम पर किसी से धनराशि मांगी जाती है, तो यह मामला गंभीर जांच की मांग करता है। खासकर उन परिवारों के लिए, जिनके पास पहले से ही सीमित आर्थिक संसाधन हैं और जो सरकारी सहायता के भरोसे अपने परिवार के लिए पक्के मकान का सपना देख रहे हैं।
ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से जुड़ा मामला होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करेगा। वहीं, निष्पक्ष जांच के बिना किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
जांच से सामने आनी चाहिए सच्चाई
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि क्या वास्तव में आवास सूची में नाम जोड़ने या पहली किस्त दिलाने के नाम पर रुपये मांगे गए हैं और क्या किसी लाभार्थी पर दबाव बनाया गया है।
फिलहाल ग्राम प्रधान का पक्ष नहीं मिल सका है। उनका पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और जांच के जरिए आरोपों की सच्चाई सामने आती है या नहीं।
डिस्क्लेमर: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मामले को सामने लाना है। संबंधित ग्राम प्रधान का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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