Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन संतकबीरनगर में कार्यक्रम आयोजित कर दोनों महापुरुषों के विचारों और उनके जीवन मूल्यों को याद किया गया। कार्यक्रम में औपचारिक श्रद्धांजलि के साथ सामाजिक एकता, जातीय भेदभाव समाप्त करने, कमजोर वर्गों के उत्थान और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया, जिसके बाद पुलिस गार्द ने सलामी दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलने तथा जाति आधारित भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में दिए गए संबोधन का महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि गांधी के विचारों को केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित न रखते हुए वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जोड़ने का प्रयास किया गया। अनुसूचित जाति और जनजाति के उत्थान, भावनात्मक एकता तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर जोर दिया गया। संदेश स्पष्ट था कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए सामाजिक निष्पक्षता और नागरिकों के प्रति समान व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
महिलाओं की उन्नति, दहेज प्रथा के उन्मूलन और अश्लील साहित्य के प्रकाशन के विरुद्ध अभियान चलाने की आवश्यकता का भी उल्लेख किया गया। जाति और रंग सहित विभिन्न प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक एकता स्थापित करने की अपील की गई। सभी धर्मों और संप्रदायों के लोगों को समान रूप से भारत का नागरिक बताते हुए आपसी सद्भाव को राष्ट्र की प्रगति के लिए आवश्यक बताया गया।
कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष पर्यावरण संरक्षण रहा। पुलिस लाइन परिसर में पौधरोपण करते हुए पुलिस अधीक्षक ने वृक्षों को पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहने, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
दरअसल, हर वर्ष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होते हैं, लेकिन वास्तविक चुनौती लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनके जीवित रहने की होती है। ऐसे में पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल पर दिया गया जोर कार्यक्रम को महज औपचारिकता से आगे ले जाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए आम नागरिकों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस लाइन के अलावा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय समेत जनपद के विभिन्न थानों, पुलिस चौकियों और फायर स्टेशनों पर भी गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों ने पुलिसकर्मियों को दोनों महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराया तथा मिष्ठान वितरण किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह, क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा, क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन अमित कुमार, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
गांधी और शास्त्री की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण सवाल भी छोड़ता है—क्या महापुरुषों के विचार केवल जयंती समारोहों तक सीमित रहेंगे या उन्हें पुलिसिंग और रोजमर्रा के सामाजिक व्यवहार में भी उतारा जाएगा? सत्य, अहिंसा, समानता, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेशों की वास्तविक सफलता इसी बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें समारोह के बाद व्यवहार और कार्यप्रणाली का हिस्सा कितना बनाया जाता है।

Post a Comment