Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर, । थाना समाधान दिवस पर जिलाधिकारी अनुज मलिक और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कोतवाली खलीलाबाद पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को शिकायतों का मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। हालांकि, ऐसे आयोजनों की वास्तविक सफलता शिकायतें सुनने से अधिक उनके समयबद्ध समाधान और फरियादियों की संतुष्टि से तय होती है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त मौजूदगी में आयोजित समाधान दिवस में राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में आपसी समन्वय बनाए रखा जाए और आवश्यकतानुसार मौके पर पहुंचकर विवादों का समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर देने के साथ अधिकारियों ने शिकायत पंजिका का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा पहले निस्तारित की जा चुकी शिकायतों के संबंध में फीडबैक लिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित मामलों में कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ताओं की स्थिति क्या रही।
निर्देशों के बाद निस्तारण की गुणवत्ता पर रहेगी नजर
समाधान दिवस का उद्देश्य पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं को एक ही मंच पर सुनकर उनका व्यावहारिक समाधान कराना है। भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामले और पुलिस कार्रवाई से संबंधित शिकायतों में दोनों विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं, बल्कि मौके पर निष्पक्ष जांच, निर्धारित समय में कार्रवाई और शिकायतकर्ता को परिणाम से अवगत कराना भी जरूरी है।
इस आयोजन में शिकायतों की कुल संख्या, मौके पर निस्तारित मामलों और लंबित शिकायतों का विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कितने फरियादियों को तत्काल राहत मिली और कितने मामलों में आगे की कार्रवाई प्रस्तावित है। प्रशासन की ओर से निस्तारण की गुणवत्ता पर जोर दिया गया है, इसलिए आने वाले समय में इन निर्देशों का धरातल पर कितना असर दिखाई देता है, यह महत्वपूर्ण होगा।
समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी सदर हृदय राम तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, कोतवाली खलीलाबाद के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
समीक्षात्मक पहलू: जनता की शिकायतें सुनना प्रशासनिक जवाबदेही की पहली कड़ी है। असली कसौटी यह होगी कि शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण होता है या नहीं तथा फरियादियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर तो नहीं लगाने पड़ते।




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