Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी अनुज मलिक गुरुवार को संत कबीर महापरिनिर्वाण स्थली मगहर पहुंचीं। उन्होंने संत कबीर की समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना की और मजार पर चादर चढ़ाकर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मगहर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी दिया।
डीएम ने महापरिनिर्वाण स्थली परिसर का भ्रमण करते हुए संत कबीर के विचारों को आज के दौर में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि कबीर ने समाज में छुआछूत, ऊंच-नीच और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाते हुए भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया था।
पूजा-अर्चना के साथ सौहार्द का संदेश
मगहर की पहचान संत कबीर की निर्वाण स्थली के रूप में होने के साथ-साथ हिंदू-मुस्लिम सांझी विरासत के प्रतीक स्थल के रूप में भी है। समाधि पर पूजा और मजार पर चादर चढ़ाने के डीएम के कार्यक्रम को इसी साझा सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
डीएम ने लोगों से कबीर के विचारों को जीवन में अपनाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
कबीर की विरासत को विकास से जोड़ने की चुनौती
जिलाधिकारी की यात्रा में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास का संदेश प्रमुख रहा। हालांकि, मगहर की पहचान को व्यापक स्तर पर पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए केवल संदेश और आयोजनों से आगे बढ़कर परिसर की सुविधाओं, साफ-सफाई, पर्यटक व्यवस्थाओं, स्थानीय रोजगार और नियमित संरक्षण पर भी निरंतर काम की जरूरत है।
मगहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें तथा स्थानीय लोगों को इसका आर्थिक लाभ मिले, तो कबीर की विरासत को विकास से जोड़ने का उद्देश्य अधिक प्रभावी रूप से सामने आ सकता है।
डीएम अनुज मलिक ने इस दौरान संत कबीर के विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने का संदेश दिया।


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