Top News

संतकबीरनगर किसान दिवस में खुली समस्याओं की पोल, कहीं खाद की किल्लत तो कहीं जलभराव से फसल बर्बाद होने का खतरा


  • संतकबीरनगर में किसानों ने उठाए सड़क, खाद, मुआवजा, स्मार्ट मीटर और जलभराव के मुद्दे; सीडीओ ने अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

मिशन संदेश | संतकबीरनगर,। जनपद मुख्यालय पर आयोजित किसान दिवस के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं प्रमुखता से उठाते हुए कृषि व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कहीं खाद की उपलब्धता का संकट किसानों की चिंता बढ़ा रहा है, तो कहीं टूटी पुलिया और जलभराव के कारण धान की फसल की कटाई प्रभावित हो रही है। रेलवे की ओर से अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे का मामला भी सामने आया, जबकि स्मार्ट मीटर से अधिक बिजली बिल आने और स्कूली बच्चों के रास्ते में जलभराव की समस्या ने ग्रामीण जीवन की परेशानियों को उजागर किया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में विभिन्न विकासखंडों के प्रगतिशील किसानों और जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में किसानों ने समस्याएं रखीं और सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

टूटी पुलिया और जलभराव से धान की कटाई प्रभावित

विकासखंड सेमरियावां के ग्राम उर्मिला निवासी प्रगतिशील किसान सुरेंद्र राय ने उर्मिला से नवागांव तक सड़क निर्माण से जुड़ी समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि मार्ग पर पुलिया टूट जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हो रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, विकासखंड बघौली के ग्राम मलोरना निवासी गणेश चौधरी ने बताया कि रेलवे द्वारा अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित जमीन पर जलभराव के कारण धान की फसल पानी में डूबी हुई है, जिससे फसल की कटाई में दिक्कत आ रही है।

इन शिकायतों ने सड़क, जलनिकासी और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के समयबद्ध समाधान की जरूरत को सामने रखा। किसानों के लिए फसल कटाई का समय बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कई क्षेत्रों में खाद की उपलब्धता पर उठे सवाल

हैंसर बाजार क्षेत्र के किसान राम दरस यादव ने धनघटा, नाथनगर, महुली, काली जगदीशपुर और उमरिया बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में खाद की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कुछ सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है।

खेती के महत्वपूर्ण दौर में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए निर्णायक होती है। ऐसे में समितियों पर खाद की वास्तविक उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और मांग के अनुरूप आपूर्ति की निगरानी आवश्यक है, ताकि किसानों को समय पर कृषि संबंधी संसाधन मिल सकें।


बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजे की मांग

राम दरस यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।

प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में प्रभावित खेतों का आकलन, पात्र किसानों की पहचान और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी करना महत्वपूर्ण है। बैठक में उठी इस मांग के बाद अब प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

स्मार्ट मीटर के बिल और स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी भी उठी

ग्राम पंचायत पोखरी के किसान श्रवण कुमार पांडेय ने विद्युत विभाग की ओर से लगाए गए स्मार्ट मीटरों में अधिक बिजली बिल आने की शिकायत की। यह मुद्दा उपभोक्ताओं के बीच बिल की गणना और मीटर रीडिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

इसके अतिरिक्त राम दरस यादव ने हैंसर बाजार क्षेत्र के नावन खुर्द गांव में स्कूल जाने वाले रास्ते पर भारी जलभराव की समस्या बताई। उनके अनुसार, पानी भरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है और स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित पढ़ाई और सुरक्षा से भी जुड़ी है। ऐसे मार्गों पर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करना स्थानीय प्रशासन के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।

एक नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, 68 केंद्र स्थापित

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने धान खरीद की तैयारियों की जानकारी ली। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जनपद में धान क्रय केंद्र एक नवंबर से शुरू होंगे। इसके लिए अब तक कुल 68 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। जनपद के लिए धान खरीद का लक्ष्य 60 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।

धान खरीद की तैयारियों के बीच किसानों के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि क्रय केंद्र निर्धारित समय पर संचालित हों, किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

20 नवंबर से शुरू होगी गन्ने की तौल

गन्ना तौल की तैयारियों की समीक्षा के दौरान विभागीय कर्मचारी ने बताया कि गन्ने की तौल 20 नवंबर से शुरू की जाएगी। इसके लिए खलीलाबाद क्षेत्र में आठ क्रय केंद्र बनाए गए हैं।

धान खरीद और गन्ना तौल की तैयारियों के साथ किसानों की यह अपेक्षा भी महत्वपूर्ण है कि उन्हें उपज बेचने के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था, अनावश्यक प्रतीक्षा या भुगतान संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।

निर्देशों के बाद अब कार्रवाई की बारी

बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की ओर से उठाई गई सभी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

किसान दिवस का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को प्रशासन के सामने लाकर उनका समाधान कराना है। हालांकि, ऐसी बैठकों की वास्तविक सफलता केवल शिकायतें सुनने और निर्देश जारी करने से नहीं, बल्कि समस्याओं के धरातल पर समाधान और किसानों को राहत मिलने से तय होती है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खाद की उपलब्धता, जलभराव, फसल क्षति के मुआवजे, अधिग्रहीत भूमि के भुगतान और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, एसओसी चकबंदी विनय कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी दीपचंद चौरसिया, एआर कोऑपरेटिव आनंद मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके तिवारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई अश्वनी कुमार शुक्ला, डिप्टी आरएमओ कमलेश सिंह, एसडीओ विद्युत केएन शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh