(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। बच्चों के विवाद से शुरू हुए झगड़े में परिवार पर कथित जानलेवा हमला करने के मामले में मेंहदावल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस ने तीनों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की।
पुलिस ने बताया कि थाना मेंहदावल में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 236/2026 में वांछित सतीश मौर्या पुत्र परमेश्वर मौर्या और मुकेश मौर्या पुत्र गोविन्द मौर्या, दोनों निवासी ग्राम बाराखाल, थाना मेंहदावल, को बस स्टैंड मेंहदावल से गिरफ्तार किया गया। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप
पुलिस के मुताबिक, 8 जून 2026 को पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दी गई थी कि बच्चों के विवाद को लेकर गांव के विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते हुए लाठी-डंडे, सरिया और रॉड से हमला किया।
आरोप है कि इस हमले में वादी के चचेरे भाई पवन यादव के सिर में गंभीर चोट लगी और वह मौके पर ही बेहोश हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
कार्रवाई पर उठता है सवाल—दो महीने बाद गिरफ्तारी क्यों?
मामले में पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन घटना 8 जून की और गिरफ्तारी 24 अगस्त को होने के कारण जांच की गति पर सवाल भी उठते हैं। गंभीर चोट और हत्या के प्रयास जैसे आरोपों वाले मामले में आरोपियों तक पहुंचने में करीब ढाई महीने का समय लगा। ऐसे में पुलिस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी किन परिस्थितियों में हुई और इस दौरान विवेचना में क्या-क्या प्रगति हुई।
हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही थी और वांछित आरोपियों को अब विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय भेज दिया गया है। मुकदमे में आगे की कार्रवाई विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम: उपनिरीक्षक राकेश कुमार, कांस्टेबल अंकेश यादव और कांस्टेबल मंजेश यादव

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