Report- and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संतकबीरनगर। सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर महुली पुलिस ने पैदल गश्त के साथ जन-जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस टीम ने क्षेत्र में आमजन से सीधे संवाद करते हुए यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा और घरों-दुकानों के आसपास CCTV कैमरे लगाने की अपील की। पुलिस का कहना है कि सुरक्षित समाज केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही तैयार हो सकता है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे यातायात सुरक्षा अभियान के तहत महुली पुलिस की इस पहल का फोकस कार्रवाई से अधिक जागरूकता पर रहा। पैदल गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाया कि यातायात नियमों का पालन महज चालान से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली जान-माल की क्षति को कम करने का सबसे बुनियादी उपाय है।
हेलमेट और सीट बेल्ट पर जोर
पुलिस ने वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने से पूरी तरह बचने की सलाह दी गई।
दरअसल, सड़क दुर्घटनाओं में मानवीय लापरवाही एक प्रमुख कारण बनती है। ऐसे में केवल अभियान चलाने या चालान काटने के बजाय लगातार व्यवहार परिवर्तन के लिए जनसंवाद करना जरूरी है। महुली पुलिस की यह पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा सकती है।
CCTV को सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी बनाने की अपील
पुलिस ने नागरिकों और व्यापारियों से अपने घरों, दुकानों तथा प्रतिष्ठानों के आसपास CCTV कैमरे लगाने का भी आग्रह किया। पुलिस के अनुसार CCTV कैमरे अपराध की रोकथाम के साथ-साथ घटना के बाद संदिग्धों की पहचान और जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि CCTV की उपयोगिता तभी प्रभावी हो सकती है, जब कैमरों की गुणवत्ता, लोकेशन, रिकॉर्डिंग क्षमता और फुटेज के सुरक्षित रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाए। केवल कैमरा लगा देना पर्याप्त नहीं है; उसकी नियमित निगरानी और रिकॉर्डिंग व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
जागरूकता के साथ निरंतर निगरानी भी जरूरी
महुली पुलिस की पैदल गश्त और जनसंवाद निश्चित रूप से पुलिस-जनसहयोग बढ़ाने की दिशा में उपयोगी प्रयास है, लेकिन सड़क सुरक्षा के वास्तविक परिणाम तभी सामने आएंगे जब जागरूकता अभियानों के साथ नियमों का प्रभावी और समान रूप से पालन भी सुनिश्चित हो।
पुलिस की अपील है कि नागरिक यातायात नियमों को केवल पुलिस के डर या चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए अपनाएं। वहीं CCTV को सामुदायिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाकर पुलिस के साथ सहयोग करें।

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