(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
खलीलाबाद। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को खलीलाबाद में ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक केशर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में संगठन विस्तार से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और आगामी चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने पर मंथन हुआ।
बैठक का फोकस महज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस की जमीनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की चुनौती पर भी चर्चा हुई। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक लगातार सक्रिय रखने की है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच पहुंच बढ़ाने और स्थानीय समस्याओं को राजनीतिक मुद्दों के रूप में मजबूती से उठाने का आह्वान किया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने कहा कि पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य संगठन को हर गांव, वार्ड और बूथ तक सक्रिय एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने, उन्हें उठाने और संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।
बूथ स्तर की सक्रियता पर जोर
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि चुनावी राजनीति में मजबूत संगठन के बिना जनसमर्थन को प्रभावी वोट में बदलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में अभियान के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बैठक में जनसमस्याओं को पार्टी की राजनीतिक रणनीति से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे क्षेत्र की समस्याओं को केवल चुनावी मुद्दे के तौर पर नहीं, बल्कि लगातार जनता के बीच उठाए जाने वाले विषय के रूप में लें।
2027 की राह में कांग्रेस के सामने चुनौती
हालांकि संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस ने चुनावी तैयारी का संकेत दे दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाए रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होगी। बूथ कमेटियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की निरंतर भागीदारी और स्थानीय मुद्दों पर प्रभावी हस्तक्षेप ही इस अभियान की वास्तविक सफलता तय करेंगे।
बैठक में कार्यकर्ताओं में चुनाव को लेकर उत्साह बढ़ाने के साथ पार्टी की नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच मजबूत करने का आह्वान किया गया। अब देखना होगा कि बैठक में बनी रणनीति कागजी संगठनात्मक कवायद से आगे बढ़कर गांव और बूथ स्तर पर कितनी प्रभावी राजनीतिक सक्रियता में बदल पाती है।

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