संत कबीर नगर,। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह समेत परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सबसे अहम बिंदु यह रहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार निर्देश और कार्रवाई के बावजूद गलत साइड ड्राइविंग, नो-पार्किंग, हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमों का उल्लंघन बड़ी चुनौती बना हुआ है। जुलाई माह के आंकड़े भी इसकी गंभीरता को सामने रखते हैं।
6331 बिना हेलमेट वाहन चालकों पर कार्रवाई
यातायात निरीक्षक के अनुसार जुलाई में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 6,331 चालान किए गए, जबकि सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने पर 107 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई हुई। इसी अवधि में नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने पर 708 चालान और गलत साइड वाहन चलाने पर 198 चालान किए गए।
परिवहन विभाग की ओर से भी जुलाई में गलत साइड ड्राइविंग के मामले में 36 वाहनों के चालान तथा 22 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई। आंकड़े बताते हैं कि नियमों के प्रति लापरवाही केवल इक्का-दुक्का मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यातायात सुरक्षा के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है।
हाईवे की झाड़ियां, अवैध कट और क्षतिग्रस्त पटरी पर नजर
अपर जिलाधिकारी ने एनएचएआई मार्गों पर झाड़ियों की सफाई, क्षतिग्रस्त पटरी और नालियों की मरम्मत तथा अवैध कट को लेकर समीक्षा की। एनएचएआई प्रतिनिधि को मार्ग के किनारों की नियमित सफाई और पटरी मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि इन कार्यों को कराया जा रहा है।
इसके अलावा सड़क पर निर्धारित गति सीमा को स्पष्ट करने वाले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि शहरी और खुले क्षेत्रों में वाहनों की अनुमन्य गति को लेकर वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति न रहे।
ब्लैक स्पॉट पर रंबल स्ट्रिप और चौराहों पर ट्रैफिक लाइट
बैठक में जनपद के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक लाइट लगाने और आवश्यक यातायात संकेतक स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। सभी ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रंबल स्ट्रिप बनाने तथा हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
हालांकि, केवल चालान की संख्या बढ़ाना सड़क सुरक्षा का स्थायी समाधान नहीं है। जरूरी है कि दुर्घटना संभावित स्थानों की वैज्ञानिक पहचान, सड़क इंजीनियरिंग में सुधार और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन पर समान रूप से ध्यान दिया जाए।
जिला अस्पताल और न्यायालय के सामने जलभराव भी बना चिंता का विषय
बैठक में जिला चिकित्सालय और जनपद न्यायालय के गेट के सामने जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने के साथ सड़क की मरम्मत एवं चौड़ीकरण के निर्देश दिए गए। सोनी होटल के पास बाईं ओर पटरी में बने गड्ढे की मरम्मत कराने को भी कहा गया।
ये निर्देश बताते हैं कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। खराब सड़क, जलभराव, गड्ढे, अव्यवस्थित पार्किंग और अपर्याप्त संकेतक भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाते हैं।
655 स्कूली वाहनों का सत्यापन, 41 अनफिट मिले
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बैठक में विशेष सख्ती दिखाई गई। अपर जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को जिले के सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन, परमिट और फिटनेस की नियमित जांच तथा अनफिट वाहनों के खिलाफ चालान और बंद कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एआरटीओ ने बताया कि जिले के 655 स्कूली वाहनों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जिसमें 41 वाहन अनफिट पाए गए। संबंधित विद्यालय प्रबंधकों को इन्हें फिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आंकड़ा विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि स्कूली वाहनों में तकनीकी खामी सीधे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे वाहनों को फिटनेस प्रमाणित होने तक सड़क पर संचालित न होने देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है।
डंपिंग यार्ड के लिए 1.5 एकड़ जमीन तलाशने के निर्देश
बैठक में डंपिंग यार्ड की समस्या पर भी चर्चा हुई। एसडीएम खलीलाबाद को चौड़ी सड़क के आसपास करीब 1.5 एकड़ भूमि तलाशने के निर्देश दिए गए, जहां बड़े लोडिंग वाहनों की आवाजाही सुगम हो।
समीक्षा से आगे बढ़कर जमीन पर दिखना चाहिए असर
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क की खामियों से लेकर यातायात नियमों के उल्लंघन और स्कूली वाहनों की फिटनेस तक कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि प्रवर्तन तंत्र सक्रिय है, लेकिन 6,331 बिना हेलमेट चालान और 708 नो-पार्किंग चालान यह भी संकेत देते हैं कि यातायात अनुशासन अभी मजबूत नहीं हुआ है।
ऐसे में सड़क सुरक्षा के लिए सिर्फ बैठकों और चालानों के आंकड़ों तक सीमित रहने के बजाय सड़क की खामियों का समयबद्ध सुधार, ब्लैक स्पॉट का उपचार, अवैध कट पर नियंत्रण, ट्रैफिक सिग्नल की प्रभावी व्यवस्था और स्कूली वाहनों की लगातार निगरानी जरूरी है। बैठक में दिए गए निर्देशों का वास्तविक असर तभी माना जाएगा, जब अगले चरण की समीक्षा में जमीनी स्तर पर सुधार के ठोस परिणाम सामने आएं।
बैठक में एसडीएम खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग आरके पांडेय, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, सहायक अभियंता लोक निर्माण विमल कुमार, टीएसआई परमहंस, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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