संतकबीरनगर। पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय आमजन की मदद और उनकी समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता दिखाना भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी मानवीय पहल की मिसाल थाना महुली पुलिस ने पेश की। पुलिस टीम ने रास्ते में गिरा हुआ मोबाइल फोन बरामद कर उसके वास्तविक स्वामी की पहचान की और उसे सुरक्षित वापस लौटाया।
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को मोबाइल फोन बरामद होने की सूचना मिलने पर थाना महुली पुलिस ने तत्परता से प्रयास शुरू किए। आवश्यक जानकारी जुटाकर मोबाइल के वास्तविक स्वामी की पहचान की गई। इसके बाद उन्हें थाने पर बुलाकर उनका मोबाइल फोन सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया।
लंबे समय बाद मोबाइल वापस मिलने पर स्वामी के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उन्होंने थाना महुली पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गई।
अपराध नियंत्रण के साथ भरोसा कायम करना भी जरूरी
मोबाइल फोन की बरामदगी भले ही पुलिस की बड़ी आपराधिक कार्रवाई न हो, लेकिन आमजन के नजरिए से इसकी अहमियत कम नहीं है। खोई हुई वस्तु को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला कदम है। ऐसे छोटे लेकिन सकारात्मक प्रयास पुलिस की छवि को केवल कार्रवाई करने वाली संस्था के बजाय सहयोगी और संवेदनशील व्यवस्था के रूप में मजबूत करते हैं।
महुली पुलिस की यह पहल इस बात का संकेत देती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों की छोटी-बड़ी समस्याओं में सहयोग करना भी जनविश्वास आधारित पुलिसिंग का अहम हिस्सा है। जरूरत है कि ऐसे प्रयासों को नियमित पुलिसिंग का हिस्सा बनाया जाए, ताकि आमजन को पुलिस से जुड़ाव और भरोसे का अनुभव लगातार मिलता रहे।

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