(Report and edited by Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में धनघटा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में थाना धनघटा पुलिस ने यह कार्रवाई की।
मामला थाना धनघटा में दर्ज मु0अ0सं0 221/2026, धारा 137(2), 87, 65(1) बीएनएस तथा ¾(2) पॉक्सो एक्ट से संबंधित है। पुलिस ने मामले में वांछित अभियुक्त बादल पुत्र स्व. रामफेर, निवासी कनैला टोला लोनियान, थाना धनघटा, जनपद संतकबीरनगर को 27 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया।
18 अप्रैल को दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के मुताबिक, वादिनी ने 18 अप्रैल 2026 को थाना धनघटा में प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभियुक्त की तलाश तेज की।
पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिक कार्रवाई के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु रवाना कर दिया गया।
बाल अपराधों पर कार्रवाई की कसौटी
नाबालिग से जुड़े अपराधों में केवल गिरफ्तारी ही पुलिस कार्रवाई का अंतिम पैमाना नहीं है, बल्कि पीड़िता की सुरक्षा, निष्पक्ष विवेचना, साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत तरीके से आगे बढ़ाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में पॉक्सो कानून के प्रावधानों के तहत संवेदनशीलता और समयबद्धता बनाए रखना पुलिस एवं जांच एजेंसियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। धनघटा पुलिस की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में लंबित कार्रवाई को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
अभियुक्त की गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अवधेश सिंह यादव तथा कांस्टेबल अजय कुमार गुप्ता शामिल रहे।
नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी प्रकाशित करना कानूनन और नैतिक रूप से उचित नहीं है।

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