Review Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर । जिले के 60 किसानों का दल कृषि क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लेने के लिए बुधवार को वाराणसी रवाना हुआ। जिलाधिकारी अनुज मलिक ने कलेक्ट्रेट परिसर से किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रशिक्षण नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी के सबमिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है।
किसानों का दल 7 से 11 अक्टूबर तक भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होगा। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को सब्जी, धान समेत कृषि क्षेत्र से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।
रवानगी के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने और सीखी गई तकनीकों को कृषि कार्य में अपनाने की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि रक्षा अधिकारी अजयदीप सिंह और एसएमएस विजय कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
यह पहल किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। लेकिन किसानों को प्रशिक्षण के लिए भेजना पहला चरण है, असली चुनौती प्रशिक्षण से मिली जानकारी को खेतों तक पहुंचाने की है।
सवाल यह भी है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन 60 किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए विभागीय स्तर पर कितना तकनीकी सहयोग मिलेगा? क्या प्रशिक्षण में बताई गई तकनीकें स्थानीय मिट्टी, पानी, मौसम और किसानों की आर्थिक क्षमता के अनुरूप उपयोगी साबित होंगी? और क्या प्रशिक्षण का लाभ केवल चयनित किसानों तक सीमित रहेगा या उनके माध्यम से अन्य किसानों तक भी जानकारी पहुंचेगी?
कृषि प्रशिक्षण की सफलता केवल प्रमाणपत्र या पांच दिवसीय कार्यक्रम पूरा होने से नहीं, बल्कि उत्पादन, लागत, गुणवत्ता और किसानों की आय में दिखाई देने वाले बदलाव से मापी जाएगी। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वाराणसी से लौटने वाले किसान नई तकनीकों को अपने खेतों में किस हद तक अपनाते हैं और उसका वास्तविक परिणाम क्या सामने आता है।

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