(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
खलीलाबाद संतकबीरनगर। पारिवारिक विवाद जब लंबे समय तक खिंचता है तो उसका असर केवल पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों, माता-पिता और पूरे परिवार के रिश्तों पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के साथ संवाद और परामर्श की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत चलाए जा रहे “साथ-साथ कार्यक्रम” के अंतर्गत संतकबीरनगर महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में चार पारिवारिक मामलों की सुनवाई कर दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते का प्रयास किया गया।
04 अक्टूबर 2026 को आयोजित परामर्श प्रक्रिया की अध्यक्षता महिला थाना की थानाध्यक्ष पूनम मौर्या ने की। इस दौरान परिवार परामर्श केंद्र में नियुक्त काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी की मौजूदगी में चार मामले सामने आए। पुलिस के अनुसार, सभी चार मामलों में दोनों पक्षों से बातचीत कर उनकी सहमति से समझौता कराया गया।
पहले मामले में कोड़रा, थाना महुली निवासी अमरावती और ऋषिकेश के बीच पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया। दोनों मां-बेटे हैं। विवाद के कारण उनके बीच रिश्ते में तनाव पैदा हो गया था। परामर्श के दौरान दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने के बाद आपसी सहमति बनी और साथ रहने पर सहमति जताई गई।
दूसरे मामले में महला, थाना बखिरा निवासी बालमुकुंद साहनी और महुली निवासी काजल के बीच वैवाहिक विवाद को लेकर मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। दोनों पति-पत्नी हैं। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई, जिसके बाद आपसी सहमति से सुलह-समझौता कराया गया।
तीसरे मामले में कपीया खुर्द, थाना शिवनगर डिडई, सिद्धार्थनगर निवासी अनीता और अमरडोभा, थाना बेलहरकला, संतकबीरनगर निवासी रामसुन्दर के बीच पारिवारिक विवाद सामने आया। दोनों पति-पत्नी हैं और विवाद के चलते संबंधों में तनाव की स्थिति बनी थी। परामर्श के बाद दोनों पक्षों ने साथ रहने पर सहमति जताई और आपसी सहमति से समझौता कराया गया।
चौथे मामले में चमरसन, थाना कोतवाली खलीलाबाद निवासी अंशिका चौधरी और खरवनिया, थाना लालगंज, बस्ती निवासी सतीश चौधरी के बीच वैवाहिक विवाद को लेकर परामर्श किया गया। बातचीत और समझाइश के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी तथा पुलिस के अनुसार, आपसी सहमति से सुलह-समझौता कराया गया।
इन चार मामलों की प्रकृति अलग-अलग रही, लेकिन सभी में एक समान पहल दिखाई दी—विवाद को आगे बढ़ाने से पहले दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना। परिवार परामर्श केंद्र इसी उद्देश्य से काम करता है कि जहां परिस्थितियां और दोनों पक्षों की इच्छा अनुमति दें, वहां संवाद के माध्यम से रिश्तों में पैदा हुए मतभेद को दूर करने की संभावना तलाश की जा सके।
हालांकि, किसी मामले में सुलह हो जाना अपने आप में यह सुनिश्चित नहीं करता कि भविष्य में विवाद दोबारा नहीं होगा। समझौते की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दोनों पक्ष आगे भी आपसी सम्मान, संवाद और सहमति को बनाए रखते हैं या नहीं। विशेषकर पारिवारिक मामलों में केवल तत्काल समझौते के बजाय दीर्घकालिक समाधान भी महत्वपूर्ण है।
मिशन शक्ति 5.0 के “साथ-साथ कार्यक्रम” के तहत महिला थाना परिवार परामर्श केंद्र की यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि महिला सुरक्षा और परिवार से जुड़े विवादों में जागरूकता, संवाद और परामर्श को भी समाधान की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा सकता है। चार मामलों में बनी सहमति फिलहाल सकारात्मक पहल है, लेकिन इसकी वास्तविक परीक्षा आने वाले समय में होगी कि ये परिवार इस समझौते को कितनी मजबूती से कायम रख पाते हैं।
पुलिस के अनुसार, परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य ऐसे पारिवारिक विवादों में दोनों पक्षों को संवाद का अवसर देकर आपसी सहमति से समाधान की दिशा में प्रयास करना है, जहां ऐसा समाधान परिस्थितियों के अनुरूप संभव हो।

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