- एक नवंबर को आयोजित होगा वृहद शिविर, अधिकारियों को पहले से लाभार्थियों को चिन्हित करने के निर्देश
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। जिले में जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता के साथ-साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर 2026 को मेगा विधिक सेवा एवं सहायता शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर की तैयारियों को लेकर गुरुवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन और जिला जज रणधीर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने की। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 1 नवंबर से पहले ही संबंधित सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान और सूची तैयार कर ली जाए, ताकि मेगा शिविर के दौरान अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
केवल शिविर नहीं, पात्र व्यक्ति तक पहुंचना होगी चुनौती
बैठक में भले ही अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया हो, लेकिन इस अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि पात्र लोगों की पहचान कितनी सटीक तरीके से होती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ अक्सर जानकारी के अभाव, दस्तावेजों की कमी या विभागीय प्रक्रिया के कारण जरूरतमंद लोगों तक समय से नहीं पहुंच पाता। ऐसे में लाभार्थियों को पहले से चिन्हित करने का निर्देश महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि विभिन्न विभाग जमीनी स्तर पर पात्र परिवारों तक पहुंचकर कितने लाभार्थियों को शिविर से जोड़ पाते हैं।
जागरूकता को भी बनाया गया आयोजन का हिस्सा
अपर जिला जज चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य केवल लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि लोगों में सरकारी योजनाओं और विधिक सेवाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने भी अधिक से अधिक लोगों को सरकार द्वारा अनुमन्य योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
अब विभागीय कार्रवाई पर रहेगी नजर
मेगा शिविर के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन इसकी उपयोगिता का वास्तविक आकलन 1 नवंबर के आयोजन के बाद ही होगा। पात्र लाभार्थियों की पहचान, उनके दस्तावेजों का सत्यापन और मौके पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी रहती है, यह प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण कसौटी होगी।
यदि विभिन्न विभाग अपने स्तर पर पहले से तैयारी पूरी करते हैं तो शिविर महज औपचारिक आयोजन न रहकर जरूरतमंद लोगों के लिए वास्तविक सहायता का माध्यम बन सकता है। वहीं, लाभार्थियों की पहचान और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही हुई तो बड़े स्तर पर आयोजित होने वाला यह शिविर अपने उद्देश्य से पीछे रह सकता है।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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