- ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत कार्रवाई, समोसे का नमूना जांच के लिए भेजा गया; रिपोर्ट के आधार पर होगी विधिक कार्रवाई
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर,। नवरात्रि और दशहरा पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में विशेष जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी के आदेश पर सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान खलीलाबाद क्षेत्र में केला पकाने वाली तीन इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जबकि मड़िया स्थित एक समोसा भंडार में अत्यधिक गंदगी मिलने पर उसे अग्रिम आदेश तक तत्काल बंद करा दिया गया। विभाग ने समोसे का एक नमूना भी संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।
केला पकाने वाली तीन इकाइयों में मिलीं कमियां
विभाग की टीम ने प्रदेशव्यापी ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत नवीन मंडी के निकट स्थित जय अंबे केला सप्लायर, चंद्रिका प्रसाद केला भंडार और चौधरी फूड कंपनी की केला पकाने वाली इकाइयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के मद्देनजर संबंधित इकाइयों को सुधार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केला पकाने की प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का पालन और स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हालांकि, विभागीय सूचना में इन तीनों इकाइयों में पाई गई कमियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि किन विशिष्ट मानकों में कमी पाई गई और सुधार के लिए संचालकों को कितनी समयसीमा दी जाएगी।
गंदगी मिलने पर समोसा भंडार बंद
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खलीलाबाद के मड़यां स्थित झिनकू समोसा भंडार का भी औचक निरीक्षण किया। विभागीय जानकारी के अनुसार, प्रतिष्ठान में अत्यधिक गंदगी और अन्य कमियां पाए जाने के कारण उसे अग्रिम आदेशों तक तत्काल बंद करा दिया गया। यहां से समोसे का एक सर्वे नमूना संग्रहित कर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की कमी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, नमूने की प्रयोगशाला जांच के परिणाम आने से पहले समोसे की गुणवत्ता या उसमें किसी मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अभियान के दौरान कुल एक नमूना संग्रहित किया गया। इसे खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। विभाग के अनुसार, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश कुमार और सच्चिदानंद गुप्ता सहित अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के साथ नियमित निगरानी भी जरूरी
त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन, फल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी केवल नमूने एकत्र करने या कमियां मिलने पर प्रतिष्ठान बंद कराने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि संचालक निर्धारित मानकों का पालन करें और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।
केला पकाने वाली इकाइयों को जारी सुधार नोटिस और समोसा भंडार पर की गई कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों में कमियों को दूर कराया जाता है या नहीं तथा प्रयोगशाला जांच के परिणाम क्या सामने आते हैं। अभियान का वास्तविक असर नियमित निरीक्षण, नियमों के प्रभावी अनुपालन और दोष पाए जाने पर समयबद्ध कार्रवाई से ही सुनिश्चित हो सकेगा।


Post a Comment