- POCSO एक्ट, लैंगिक हिंसा और सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार की दी गई जानकारी; हिंसा या उत्पीड़न होने पर सहायता लेने के लिए किया गया जागरूक
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर,। बच्चों को यौन अपराधों, लैंगिक हिंसा और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कबीर सूफी फाउंडेशन की ओर से नवोदय विद्यालय, हरिहरपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, लैंगिक हिंसा, पॉक्सो (POCSO) एक्ट तथा ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बच्चों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम, लैंगिक हिंसा की पहचान तथा सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर समझाया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी ऐसी परिस्थिति में, जिसमें वे असहज या असुरक्षित महसूस करें, चुप रहने के बजाय किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
POCSO एक्ट के प्रावधानों और बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों की जानकारी देना और उन्हें संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क बनाना रहा।
ऑनलाइन दुनिया में भी सतर्क रहने की जरूरत
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच निजी जानकारी की सुरक्षा, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सतर्कता और परेशानी की स्थिति में जिम्मेदार व्यक्तियों से मदद लेने की अहमियत बताई गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को केवल अपराधों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझाना भी जरूरी है कि जोखिम की स्थिति में वे किससे संपर्क करें और अपनी शिकायत किस प्रकार सामने रखें। विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में सहायक हो सकते हैं।
बाल-अनुकूल वातावरण बनाने की पहल
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य डॉ. अजय कुमार पांडेय, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीकांत तिवारी, काउंसलर डॉ. कामेश्वरी मिश्रा, कबीर सूफी फाउंडेशन की काउंसलर अस्मिता त्रिपाठी तथा आउटरीच कार्यकर्ता सूर्य प्रकाश ओझा उपस्थित रहे। विद्यालय के शिक्षकों और कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की।
जागरूकता के साथ शिकायत तंत्र की जानकारी भी जरूरी
बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में जागरूकता की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका प्रभाव तभी व्यापक होगा जब बच्चों को शिकायत दर्ज कराने, भरोसेमंद सहायता प्राप्त करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित प्राधिकारियों तक पहुंचने की स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध हो। विद्यालयों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय से बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है।
कबीर सूफी फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और विद्यालय में बाल-अनुकूल माहौल को प्रोत्साहित करना है।


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