Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। बच्चों को यौन अपराधों से बचाने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांधी जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में POCSO एक्ट जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून के प्रावधानों के साथ-साथ गुड टच और बैड टच की जानकारी दी।
नेहरू कृषक इंटर कॉलेज, खलीलाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को इस कानून की बुनियादी जानकारी होना जरूरी है, ताकि वह किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सके और जरूरत पड़ने पर मदद मांग सके।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि यदि किसी छात्र या छात्रा के साथ अथवा उसके किसी मित्र के साथ ऐसा शारीरिक व्यवहार होता है, जिससे वह असहज महसूस करे, तो घटना को छिपाने या डरने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
कानूनी मदद के अधिकार की भी दी जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सेवाओं, बाल अधिकारों और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर बच्चे और उनके परिवार कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
वहीं श्री लाल बहादुर शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज, टुम्पार में प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड नरेंद्र कुमार यादव और सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी अभिनव त्रिपाठी ने जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को POCSO कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं और अपराध सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई एवं सजा का प्रावधान है।
हेल्पलाइन नंबर भी बताए
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को NALSA हेल्पलाइन 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि किसी परेशानी या असुरक्षित स्थिति में वे सहायता के लिए संबंधित हेल्पलाइन और भरोसेमंद वयस्क से संपर्क कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता-मध्यस्थ, एलएडीसीएस और पराविधिक स्वयंसेवकों की ओर से भी जिले के विभिन्न विद्यालयों में POCSO एक्ट को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
जागरूकता का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं
POCSO कानून से जुड़ी जानकारी बच्चों तक पहुंचाना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार बच्चे अनुचित व्यवहार को पहचान नहीं पाते या डर के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं देते। ऐसे में स्कूल स्तर पर कानून, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श और शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी बच्चों को समय रहते सहायता लेने में मदद कर सकती है।
हालांकि जागरूकता कार्यक्रमों के साथ यह भी जरूरी है कि बच्चों को शिकायत करने के सुरक्षित और भरोसेमंद माध्यम, उनकी गोपनीयता तथा सहायता की प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी नियमित रूप से दी जाए। इससे कानून की जानकारी महज एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकेगी।

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