Top News

Santkabir Nagar News: रोजगार मेले में पहुंचे 517, 190 का प्रारंभिक चयन—क्या नियुक्ति पत्र से आगे भी मिलेगी नौकरी की गारंटी?




(Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)

संतकबीरनगर। बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ और उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खलीलाबाद में विधानसभा स्तरीय वृहद रोजगार मेले और करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेले में 517 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जबकि 190 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किए जाने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि खलीलाबाद नित्यानंद की मौजूदगी में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ना और उन्हें करियर संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा।

517 में 190 का चयन, लेकिन आंकड़ा कई सवाल भी छोड़ गया

रोजगार मेले में 517 युवाओं की भागीदारी और 190 के प्रारंभिक चयन का आंकड़ा पहली नजर में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल दिखाई देता है। लेकिन प्रारंभिक चयन और वास्तविक रोजगार में अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

190 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन कुल प्रतिभागियों का लगभग 37 प्रतिशत है। अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इनमें से कितने युवाओं को वास्तव में कंपनी में ज्वाइनिंग मिलेगी और कितनों की नियुक्ति प्रशिक्षण, दस्तावेज सत्यापन, वेतन या अन्य औपचारिकताओं के कारण आगे नहीं बढ़ पाएगी?

युवाओं के लिए रोजगार मेले की सफलता केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। असली परिणाम तब सामने आएगा जब चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर ज्वाइनिंग मिले और उन्हें रोजगार में स्थायित्व के साथ उचित वेतन एवं कार्य परिस्थितियां प्राप्त हों।

नियुक्ति पत्र मिला, अब ज्वाइनिंग की बारी

रोजगार मेलों में अक्सर चयन के बाद नियुक्ति पत्र वितरित किए जाते हैं, लेकिन चयन से नौकरी तक की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने अब अगली चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि चयनित युवाओं का रोजगार केवल कागजी प्रक्रिया बनकर न रह जाए।

यदि चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग और रोजगार की स्थिति का फॉलोअप भी सार्वजनिक किया जाए, तो रोजगार मेलों की वास्तविक सफलता का बेहतर आकलन किया जा सकता है।

करियर काउंसलिंग से युवाओं को कितनी दिशा मिली?

कार्यक्रम में रोजगार के साथ करियर काउंसलिंग भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता, तकनीकी प्रशिक्षण और उपलब्ध रोजगार अवसरों के अनुरूप बेहतर करियर विकल्प समझने में मदद करना रहा।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से जुड़े युवाओं के लिए यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद कई युवाओं को उपयुक्त नौकरी, उद्योग की मांग और अपेक्षित कौशल के बीच अंतर का सामना करना पड़ता है। ऐसे में काउंसलिंग को केवल रोजगार मेले के दिन तक सीमित रखने के बजाय नियमित करियर मार्गदर्शन और कौशल उन्नयन से जोड़ना अधिक प्रभावी हो सकता है।

रोजगार मेले की असली कसौटी ज्वाइनिंग और टिकाऊ रोजगार

517 युवाओं की भागीदारी यह बताती है कि जिले में रोजगार के अवसरों को लेकर युवाओं की मांग मौजूद है। 190 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन भी इस दिशा में एक आंकड़ा प्रस्तुत करता है।

लेकिन इस पहल का वास्तविक मूल्यांकन चयनित युवाओं की ज्वाइनिंग, वेतन, रोजगार की निरंतरता और कंपनियों में उनके टिके रहने के आधार पर होना अधिक उपयोगी होगा।

रोजगार मेले युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण, कौशल विकास, बेहतर वेतन और रोजगार के बाद फॉलोअप व्यवस्था पर भी उतना ही ध्यान देना होगा।

कार्यक्रम में नोडल प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भगौसा उदय नारायण, जिला सेवायोजन अधिकारी माधवी उपाध्याय, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खलीलाबाद विवेक कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैसर बाजार राम उग्रह, ज्ञानेंद्र मिश्र, जय प्रकाश पांडेय सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित लोग मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh