ऋषिकेश। बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने और उनकी कल्पनाशक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट, ऋषिकेश की ओर से मायाकुंड स्थित सामुदायिक भवन में बच्चों के लिए ड्रॉइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी कल्पनाओं और भावनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा।
प्रतियोगिता के दौरान सामुदायिक भवन का वातावरण बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों से जीवंत नजर आया। किसी ने प्रकृति को अपने चित्र का विषय बनाया तो किसी ने अपनी कल्पना के अनुरूप रंगों और आकृतियों के माध्यम से अलग-अलग संदेश प्रस्तुत किए। बच्चों के लिए यह आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ अपनी रचनात्मक सोच सामने रखने का अवसर भी मिला।
प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में अनुष्का ने प्रथम, रुचिता ने द्वितीय और दीपिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि शिरला चतुर्थ स्थान पर रहीं। वहीं बालक वर्ग में आयमन ने प्रथम, अभिषेक ने द्वितीय तथा अनमोल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्य अतिथि डॉ. कश्मी शर्मा ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर पुरस्कार मिलने की खुशी और अपनी कला को मिली पहचान का उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया।
आयोजन के पीछे एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी रहा। विशेषज्ञों के अनुसार चित्रकला जैसी गतिविधियां बच्चों में कल्पनाशक्ति, एकाग्रता, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी रुचि और हुनर पहचानने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर बच्चों की रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहीं शिखा पाल के योगदान की भी सराहना की गई। बताया गया कि शिखा पाल बच्चों को विभिन्न प्रकार की रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दे रही हैं और उनके हुनर को निखारने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में अंजना, शालिनी, लक्ष्मी, सह-संस्थापक नूपुर गोयल तथा संस्थापक डॉ. नीरजा गोयल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी प्रतिभा को आगे भी मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता ने यह संदेश भी दिया कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने के लिए केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं। कला, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के लिए अवसर उपलब्ध कराना भी उनके समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ट्रस्ट की ओर से “सेवा परमो धर्म” के संकल्प के साथ बच्चों के बीच रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

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