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Santkabir Nagar News: वन विभाग की टीम पर कथित जानलेवा हमले में दो गिरफ्तार, लकड़ी का मुगदर बरामद



Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh 

संतकबीरनगर। बेलहरकला थाना क्षेत्र के जंगल दशहर में रिजर्व फॉरेस्ट की लकड़ी के कथित अवैध कटान की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे/निशानदेही से घटना में प्रयुक्त बताया जा रहा लकड़ी का मुगदर भी बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, वन विभाग मेंहदावल रेंज बेलहरकला के वनकर्मी 3 अक्टूबर 2026 को जंगल दशहर में रिजर्व फॉरेस्ट की लकड़ी के अवैध कटान की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान सदरे आलम और मोहम्मद फारुख, दोनों निवासी जंगल दशहर, ने वन विभाग की टीम के साथ लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।

शिकायत के अनुसार, इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी गोविंद त्रिपाठी के साथ कथित तौर पर गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। बचाव के लिए पहुंचे अन्य कर्मचारियों के साथ भी मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद वन विभाग की ओर से बेलहरकला थाने में तहरीर दी गई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 294/2026 के तहत बीएनएस की धारा 191(2), 352, 351(3), 109(1), 121(2), 132 तथा भारतीय वन अधिनियम की धारा 26 में अभियोग दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को 4 अक्टूबर को उनके घर से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सदरे आलम पुत्र हकीमुल्लाह, उम्र करीब 40 वर्ष और मोहम्मद फारुख पुत्र हकीमुल्लाह, उम्र करीब 33 वर्ष, निवासी जंगल दशहर, थाना बेलहरकला, संतकबीरनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर एक लकड़ी का मुगदर बरामद हुआ है, जिसे घटना में प्रयुक्त बताया गया है।

इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि मामला केवल वन संपदा के कथित अवैध कटान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी दायित्व निभाने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम के साथ कथित मारपीट और जानलेवा हमले के आरोपों तक पहुंच गया। ऐसे मामलों में कार्रवाई की गंभीरता इस बात पर निर्भर करेगी कि विवेचना के दौरान आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है और बरामद हथियार का घटना से संबंध किस तरह स्थापित किया जाता है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है; आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्व दवन सिंह और थानाध्यक्ष बेलहरकला सर्वेश कुमार के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीरेंद्र कन्नौजिया, हेड कांस्टेबल बृजेश पाण्डेय, कांस्टेबल मनीष चन्द यादव, संतोष चौहान, ओमप्रकाश चौरसिया और नीरज कुमार शामिल रहे।

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