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Santkabir Nagar News: बाल विवाह से साइबर ठगी तक, मकदुमपुर विद्यालय में पुलिस ने विद्यार्थियों को किया जागरूक


  • दुधारा पुलिस, एएचटीयू और बाल कल्याण अधिकारी का संयुक्त अभियान; महिला-बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की दी जानकारी

Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor 

संतकबीरनगर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ऑनलाइन ठगी से विद्यार्थियों को बचाने के उद्देश्य से दुधारा पुलिस, मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) तथा बाल कल्याण अधिकारी ने संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान चलाया। 18 अक्टूबर 2026 को मकदुमपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों और शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों की जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करने के साथ उन्हें ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था, जिनका असर उनके भविष्य, सुरक्षा और शिक्षा पर पड़ सकता है।

बाल विवाह रोकने में जागरूकता के साथ सामाजिक भागीदारी जरूरी

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में बताया गया। उन्हें समझाया गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों या पुलिस को सूचित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

बाल विवाह की समस्या केवल कानूनी कार्रवाई से पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकती। इसके लिए परिवारों की सोच में बदलाव, बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता, सामाजिक जागरूकता और समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई आवश्यक है। विद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपने अधिकार समझने और गलत प्रथाओं के विरुद्ध आवाज उठाने का अवसर प्रदान करते हैं।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर बताए अधिकार और सहायता के रास्ते

मिशन शक्ति अभियान के तहत विद्यार्थियों को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या किसी अन्य समस्या का सामना करने पर बिना भय के पुलिस अथवा संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करने की अपील की गई।

कार्यक्रम में प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई:

  • 112: पुलिस आपातकालीन सहायता
  • 1090: उत्तर प्रदेश महिला पावर लाइन
  • 181: महिला हेल्पलाइन
  • 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन

इन नंबरों की जानकारी विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है, ताकि किसी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक देरी न हो।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता का संदेश

डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराध भी एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आए हैं। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान और ओटीपी साझा करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया।

पुलिस टीम ने मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करने, सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने तथा बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी अनजान व्यक्तियों से साझा नहीं करने की सलाह दी। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर संदिग्ध लिंक खोलना या गोपनीय जानकारी साझा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in का उपयोग करने की जानकारी दी गई। लेन-देन का विवरण, संदेश और अन्य संबंधित साक्ष्य सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि शिकायत की जांच में मदद मिल सके।

जागरूकता की निरंतरता ही अभियान की असली कसौटी

दुधारा क्षेत्र के विद्यालय में चलाया गया यह संयुक्त अभियान बाल सुरक्षा, सामाजिक कुरीतियों और साइबर अपराध जैसे अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक करने की पहल है। हालांकि, ऐसे अभियानों का वास्तविक प्रभाव तभी सामने आएगा, जब बच्चे मिली जानकारी को व्यवहार में अपना सकें, शिकायत करने के सुरक्षित माध्यमों से परिचित हों और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर सहायता मिल सके।

बाल विवाह की रोकथाम से लेकर ऑनलाइन ठगी से बचाव तक, जागरूकता के साथ परिवार, विद्यालय, समाज और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है। विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी सामूहिक है।

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