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उत्तर प्रदेश भड़की हिंसा में 16 लोगों की मौत,दो पुलिस कर्मियों को भी लगी गोली


लखनऊ/कानपुर ।
 खास बातें
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहा उग्र विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शन में 16 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक आठ साल का बच्चा भी शामिल है। जानकारी के अनुसार मेरठ में चार, बिजनौर, कानपुर, संभल में दो-दो, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद व वाराणसी में एक-एक की जान गई है। हालांकि आईजी कानून व्यवस्था ने आठ की मौत की पुष्टि की है। आज स्कूल कॉलेज बंद हैं। कई जिलों में इंटरनेट ठप है। 
लाइव अपडेट
07:07 PM, 21-DEC-2019
कानपुर: दो पुलिसकर्मियों को लगी गोली
कानपुर में भड़की हिंसा में दो पुलिस वालों को गोली लगी है। उपद्रवियों के बीच फंसे सिपाहियों को पुलिस कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल कर ले आई। घायल पुलिस वालों को हैलट लाया जा रहा है।



04:44 PM, 21-DEC-2019
कानपुर में फिर भड़का बवाल
शाम होते-होते इलाके में फिर से माहौल बिगड़ गया। यतीमखाना में जुलूस निकाला गया। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसमें 12 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने छतों से पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।


सैकड़ों लोगों ने बाबू पुरवा कोतवाली घेर ली। विधायक इरफान सोलंकी, अमिताभ बाजपेई के साथ सैकड़ों लोगों ने कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने का पुलिस पर दबाव बनाया। शहर काजी और मौलाना भी पहुंचे। कोतवाली में मौजूद एसएसपी और डीएम ने लोगों को समझाकर शांत कराया। 
04:34 PM, 21-DEC-2019
पहले दिए फूल, फिर मारे पत्थर
कानपुर के यतीमखाना पर पहले तो पुलिसवालों को गुलाब के फूल दिए गए। इसके थोड़ी देर बाद ही उन पर पथराव शुरू हो गया। राहगीर जान बचाकर भागे। पुलिस उन्हें बचाने के बजाय खुद बचने के लिए भागती नजर आई। नमाज अदा होने से पहले 1:20 बजे एडीजी फोर्स के  साथ मार्च करते हुए यतीमखाना मस्जिद की तरफ जायजा लेने पहुंचे। नमाज के बाद एसपी पूर्वी यतीमखाना की तरफ आए, तो उनके पीछे कुछ लोग गुलाब के फूलों से भरा थैला लेकर आए। उन लोगों ने पुलिसवालों को गुलाब के फूल देकर अमन और शांति का भरोसा दिलाया। थोड़ी ही देर में हजारों की भीड़ सड़क पर उतर आई और पथराव शुरू हो गया। कानपुर में हुई हिंसा के साजिशकर्ताओं ने बच्चों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने बच्चों को ढाल बनाया और उनके पीछे रहकर पथराव कर आगजनी की। यही वजह रही कि पुलिस को कार्रवाई करने में थोड़ी मुश्किल हुई। जब बच्चे किसी तरह से हटे तब पुलिस ने लाठी भांजी, आंसू गैस के गोले दागे।
04:32 PM, 21-DEC-2019
मुजफ्फरनगर में दो पक्षों के बीच पथराव
मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कच्ची सड़क के पास केवलपुरी में शनिवार को दो पक्षों के बीच पथराव हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव किया गया। वहीं घटना की जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को वहां से खदेड़ दिया। तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बताया गया कि एक वर्ग के लोग अंतिम संस्कार करने के लिए जा रहे थे इसी दौरान संघर्ष हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ।



03:22 PM, 21-DEC-2019
झांसी: भड़काऊ पोस्ट वाले 300 फेसबुक आईडी ब्लॉक, एफआईआर दर्ज
झांसी में सोशल मीडिया की निगरानी कर रही पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट वाली 300 फेसबुक आईडी ब्लॉक कर दी हैं। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी हो रही है। पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीम को अब तक जो जानकारी हुई है उसके मुताबिक फर्जी नाम-पते से फेसबुक एकाउंट बनाकर जहरीले मैसेज भेजे जा रहे हैं। कुछ लोगों की पहचान भी कर ली गई है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लाइक और कमेंट्स करने वाले भी जांच के घेरे में होंगे।
 


02:31 PM, 21-DEC-2019
रामपुर में एक की मौत, पुलिस जीप समेत कई गाड़ियां फूंकी
रामपुर में प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उलेमाओं ने बंद बुलाया। इस दौरान हजारों की संख्या में नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए। इदगाह के पास इकट्ठा होकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और भीड़ बिल्कुल आमने सामने हो गई। प्रदर्शन के दौरान भीड़ इतनी उग्र हो गई कि उन्होंने एक पुलिस जीप के अलावा आठ अन्य वाहनों को भी फूंक दिया। इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक शख्स की मौत हो गई। 


हालांकि पुलिस ने यह दावा किया है कि उनके तरफ से किसी तरह की फायरिंग नहीं की गई है, इसलिए मौत के लिए उपद्रवी खुड जिम्मेदार हैं, न कि पुलिस। वहीं उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां भांजी। काफी देर तक भीड़ और पुलिस के बीच झड़प चलती रही। भीड़ ने बैरीकेडिंग तोड़ दी, वहीं पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग भी की। इस दौरान भीड़ लगातार सरकार और एनआरसी विरोधी नारे लगाती रही। 



02:07 PM, 21-DEC-2019
एनआरसी पर भ्रम फैला रही हैं पार्टियां: शिया धर्मगुरु
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने बढ़ती हिंसा के बीच कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी, दोनों अलग अलग चीजें हैं। एनआरसी अभी केवल असम में लागू की गई है, पूरे देश में नहीं। इसके अलावा हमें अभी यह भी नहीं पता कि उसके तहत क्या-क्या नियम हैं। कई राजनीतिक पार्टियां एनआरसी को लेकर लोगों को दिग्भ्रमित कर रहीं हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की।


 अमरोहा में फूंकी बाइक
अमरोहा में महज एक अफवाह के कारण सड़क पर हजारों की संख्या में उतरी भीड़ ने तबाही मचा दी। शनिवार सुबह इलाके में एक अफवाह फैली कि पुलिस कस्टडी में किसी व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके बाद भीड़ सड़क पर उतर आई और जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान उग्र भीड़ ने एक बाइक फूंक दी। 

उग्र प्रदर्शन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ी
उत्तर प्रदेश में उग्र प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या में इजाफा हो गया है। यानि अब मरने वालों की संख्या 16 हो गई है। फिरोजाबाद में दो युवकों के शव मिले हैं। ये शव प्रदर्शन वाले इलाकों से बरामद किए गए हैं। 
 


राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की है। उन्होंने कहा है कि उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई होगी। 


अब तक 400 लोग गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि उग्र प्रदर्शन मामले में अब तक 400 लोग गिरफ्तार हुए हैं। लखनऊ में ही करीब 218 लोग गिरफ्तार हुए हैं। माीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने जांच जारी है। इसमें एनजीओ और बाहरी तत्व शामिल हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। 



गाजियाबाद: 3600 लोगों पर केस दर्ज
वहीं, गाजियाबाद जिले के पांच थानों में 3600 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने हंगामा करने के आरोप में इन लोगों पर केस दर्ज किया है। 400 से ज्यादा लोग नामजद भी इनमें शामिल हैं। पुलिस ने 65 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। 



प्रतापगढ़ में उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
प्रतापगढ़ शहर में आरजकता फैलाने वाले 56 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सड़क जाम करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद NH जाम करने और शहर में उत्पाद मचाने के मामले में नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है। 


मेरठ-मुजफ्फरनगर और बिजनौर में इंटरनेट बंद
नागरिकता कानून के विरोध में देशभर में चल रहे प्रदर्शन के बीच मेरठ-मुजफ्फरनगर और बिजनौर में पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह शांति व्यवस्था बना रखी है। इन तीनों शहरों में इंटरनेट सेवा बंद है और चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात किया गया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मेरठ-मुजफ्फरनगर और बिजनौर में जमकर बवाल हुआ था। मेरठ में चार, बिजनौर में दो और मुजफ्फरनगर की गोली लगने से मौत हो गई थी।



पॉलीटेक्निक की विशेष बैक परीक्षा भी स्थगित कर दी गई
शनिवार को होने वाली पॉलीटेक्निक की विशेष बैक परीक्षा भी स्थगित कर दी गयी। देर रात इसका निर्णय किया गया। प्रविधिक शिक्षा परिषद के सचिव संजीव सिंह ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से परीक्षा स्थगित की गई है। जल्द ही इसकी तिथि जारी कर सूचित कर दिया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार की भी परीक्षा स्थगित कर दी गयी थी।



प्रदेश में सभी स्कूल बंद रहेंगे 
प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शनिवार को अवकाश रहेगा। प्रदेश सरकार ने बुधवार को ठंड और शीत लहर के चलते बृहस्पतिवार और शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया था। सरकार ने इस अवकाश को शनिवार तक बढ़ाया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला ने बताया कि शनिवार को सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रहेगी।



मेरठ में एक उपद्रवी की मौत, तीन पुलिस चौकियां फूंकीं
मेरठ में हापुड़ रोड पर थाना नौचंदी के पास भीड़ ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग की और तीन पुलिस चौकियां फूंक दी। इस दौरान एक उपद्रवी की मौत हो गई, जबकि एसपी सिटी समेत सात पुलिसकर्मी घायल हुए। उपद्रवियों ने कई बाइक भी फूंक दी।


कुछ पुलिसकर्मियों व मीडियाकर्मियों को बंधक बना लिया। संभल में पुलिस की तीन बाइकें फूंक दी गईं। पुलिस फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। वहीं, बिजनौर में दो उपद्रवी मारे गए हैं। तीन पुलिसकर्मी समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं। मुजफ्फरनगर में गोली लगने से तीन लोग घायल हुए हैं।
 


यूपी में फिर भड़की हिंसा, कानपुर बवाल में दो पुलिसकर्मियों को लगी गोली, अबतक 16 लोगों की मौत
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहा उग्र विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शन में 16 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक आठ साल का बच्चा भी शामिल है। जानकारी के अनुसार मेरठ में चार, बिजनौर, कानपुर, संभल में दो-दो, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद व वाराणसी में एक-एक की जान गई है। 


 



हालांकि आईजी कानून व्यवस्था ने आठ की मौत की पुष्टि की है। वहीं दिनभर यूपी के गोरखपुर, अलीगढ़, संभल, बिजनौर, शामली, सहारनपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। यूपी में आज सभी शैक्षणिक संस्थाओं को बंद कर दिया गया है। भारी उपद्रव के चलते यूपी टीईटी की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं हैं।


मेरठ में हुए हिंसक प्रदर्शन को काबू करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। इस दौरान बिजनौर, संभल और कानपुर में दो-दो प्रदर्शनकारी की मौत हुई। वहीं, वाराणसी में आठ साल के बच्चे की मौत हो गई। कानपुर में हुई फायरिंग में 13 लोग घायल हो गए। बवाल के चलते 22 दिसंबर को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द कर दी गई है। यूपी के सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद कर दिए गए हैं।


कानपुर में बाबूपुरवा ईदगाह मैदान के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन जेब्रा बाइक समेत चार गाड़ियां फूंक दीं। पथराव के साथ ही पुलिस पर फायरिंग की और हथगोले फेंके। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 13 प्रदर्शनकारियों को गोली लगी। वहीं, दो सीओ, इंस्पेक्टर, दरोगा समेत एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों को भी चोट आई है। पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया।
 नागरिकता कानून 2019 को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर हिंसा भड़की है। उपद्रवी जगह-जगह सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। इन उपद्रवियों ने विरोध प्रदर्शन के नाम पर कहीं पत्थर फेंक कर तोड़फोड़ किया, तो कई जगहों पर बसों में आग लगा दी। यहां तक की दिल्ली में एक पुलिस चौकी तक फूंक दी गई।


 


विरोध प्रदर्शन के नाम पर जिस तरह सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, उसे लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की संपत्ति जब्त करके की जाएगी।


लेकिन सवाल ये है कि क्या सरकार ये कर पाएगी? इस बारे में कानून क्या कहता है? देश में अब तक जितनी बार भी ऐसे प्रदर्शनों में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, क्या कभी उपद्रवियों से हर्जाना वसूला गया? इन सभी सवालों के जवाब आप आगे पढ़ सकते हैं। साथ ही हम ये भी बता रहे हैं कि अब तक देश में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की कितनी घटनाएं हुई हैं? इनमें सबसे ज्यादा किन राज्यों में हुईं और उत्तर प्रदेश किस स्थान पर है ।


साभार अमर उजाला


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