(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत जनपद में बहू-बेटी सम्मेलन एवं महिला सशक्तिकरण चौपालों का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल 218 महिलाओं एवं बालिकाओं ने सहभागिता की।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देश पर आयोजित अभियान का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा संबंधित क्षेत्राधिकारियों के पर्यवेक्षण में किया गया। जनपद के विभिन्न थानों की एंटी रोमियो टीमों और महिला बीट अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं से सीधे संवाद किया।
नौ स्थानों पर हुआ आयोजन
पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली खलीलाबाद की एंटी रोमियो टीम ने खलीलाबाद ब्लॉक में 27, दुधारा पुलिस ने सेमरियावां ब्लॉक में 23, धनघटा पुलिस ने हैसर एवं पौली ब्लॉक में 38, महुली पुलिस ने नाथनगर ब्लॉक में 30, मेंहदावल पुलिस ने मेंहदावल ब्लॉक में 29, बखिरा पुलिस ने बघौली ब्लॉक में 18, बेलहरकला पुलिस ने बेलहरकला ब्लॉक में 19 तथा धर्मसिंहवा पुलिस ने सांथा ब्लॉक में 34 महिलाओं, बहू-बेटियों एवं बालिकाओं को जागरूक किया।
इन चौपालों का उद्देश्य महज योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को पुलिस और प्रशासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाने के लिए एक सहज मंच उपलब्ध कराना भी रहा। संवाद आधारित कार्यक्रमों में महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया कि वे घरेलू हिंसा, उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार के अन्याय की स्थिति में चुप न रहें और समय रहते शिकायत दर्ज कराएं।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रमों में महिलाओं को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, मातृ शक्ति को सम्बल योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना समेत विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में भी बताया गया। गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर चर्चा कर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी बनी अहम हिस्सा
चौपाल के दौरान महिलाओं को संकट की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें 1090 वूमेन पावर लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 108 एंबुलेंस, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन प्रमुख रहे।
महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने पंपलेट वितरित कर महिलाओं को इन सेवाओं के उपयोग के तरीके भी बताए। उन्हें आत्मरक्षा के उपायों के साथ-साथ साइबर ठगी से बचाव के प्रति भी सचेत किया गया।
जागरूकता से आत्मविश्वास बढ़ने का दावा
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें अपनी समस्याओं को खुलकर साझा करने का अवसर मिला। विशेष रूप से घरेलू हिंसा और पति-पत्नी के विवाद जैसे विषयों पर बातचीत को लेकर महिलाओं में पहले की अपेक्षा अधिक सहजता दिखाई दी।
महिलाओं ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों और महिला बीट कर्मियों के साथ सीधे संवाद से पुलिस के प्रति उनका भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ा है। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को अपनी सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी लगातार मिलती रहे।
सिर्फ आयोजन नहीं, निरंतर संवाद जरूरी
मिशन शक्ति जैसे अभियानों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि जागरूकता कार्यक्रमों में दी गई जानकारी महिलाओं के दैनिक जीवन में कितनी उपयोगी साबित होती है। एक दिन की चौपाल के बाद यदि महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने, शिकायत दर्ज कराने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में व्यावहारिक सहयोग मिलता रहे, तभी ऐसे आयोजनों का प्रभाव स्थायी रूप ले सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच पुलिस की पहुंच बढ़ाने और उन्हें अपनी समस्याएं सामने रखने के लिए सुरक्षित मंच उपलब्ध कराने की दृष्टि से बहू-बेटी सम्मेलन महत्वपूर्ण पहल है। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन कार्यक्रमों के बाद सामने आने वाली समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की भी नियमित समीक्षा हो, ताकि मिशन शक्ति 5.0 जागरूकता से आगे बढ़कर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन सके।

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