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Editorial/संपादकीय

मोदी सरकार की नाकामियों से भरी यात्रा 9 साल की यात्रा

देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार ने नौ साल का समय पूरा किया है। सरकार 9 साल बेमिशाल के दावे कर रही है, 2024 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभी से शुरू हो चुके हैं,  जिसमे 9 साल बेमिशाल के स्लोगन प्रचार का हिस्सा बन रहे हैं,  हालांकि, इस अवधि में सरकार को कई विवादों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। यहां हम कुछ ऐसी नाकामियों पर बात कर रहे हैं जिनसे मोदी सरकार ने आम जनता की उम्मीदों को पूरा नहीं किया:

आर्थिक संकट: सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान कई बार आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा। बढ़ती हुई महंगाई, रोजगार की कमी, व्यापार में धीमी वृद्धि और आर्थिक संकट के समय लिये गए विकास परियोजनाओं के बजाय अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कार्रवाई नहीं की गई।

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विदेशी नीतियों में असफलता: कश्मीर समस्या, चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद और संबंधों में समस्याएं सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहीं। विदेशी नीतियों में समर्थन कम रहने से भारत के ग्लोबल रैंकिंग में भी गिरावट आई है।

किसान आंदोलन: कृषि सुधार बिल्स के विरोध में किसानों का आंदोलन देश भर में विस्तारित हो गया। सरकार ने उनकी माँगों को नजरअंदाज किया जिससे किसानों और सरकार के बीच संवाद का माहौल निर्माण नहीं हो पाया।

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सामाजिक मुद्दे: भारत में मिनॉरिटीज के सामाजिक संरक्षण, जाति और धर्म संबंधी मुद्दों को लेकर सरकार को काम करने में कई बार विवादों का सामना करना पड़ा है।

शिक्षा और स्वास्थ्य: शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने विकास के लिए काफी छोटी भरी प्रतिबद्धता दिखाई, जिससे इन सेक्टरों में अभाव है और लोगों को अधिकतर सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।

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दुर्गाम प्रदूषण: वायु और जल प्रदूषण के मुद्दे पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे देश के कई शहरों में गंभीर प्रदूषण समस्या है।

आर्थिक असमानता: आर्थिक असमानता के मुद्दे पर सरकार ने अपनी नीतियों में काम नहीं लिया

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आपराधिकता और मानसिक स्वास्थ्य: देश में बढ़ते हुए आपराधिकता के मुद्दे के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य की समस्या भी समय-समय पर सुर्खियों में रही। जिससे देशवासियों को अपने जीवन के लिए सुरक्षित और स्थिर माहौल नहीं मिल पाया।

न्यायपालिका की उदासीनता: न्यायपालिका के कई मामलों में सरकार ने उदासीनता दिखाई जिससे न्याय व्यवस्था को दोषियों को सजा दिलाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

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यह नाकामियों की एक संक्षेप्त सूची है जिससे सरकार को आगामी दिनों में सिखवार और उन्नति के मार्ग पर चलने की जरूरत है। जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए सरकार को सकारात्मक कदम उठाने और राष्ट्र के विकास के लिए संपूर्ण समर्थन प्रदान करने की जरूरत है।

(इसके बाद फिर आपको हम ऐसे ही मोदी सरकार की नाकामी की यात्रा बताएंगे)

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Sayeed Pathan

न धर्मांध कट्टरपंथी सिर्फ काबुल में हैं, न उनके खिलाफ खड़ी मारवा अकेली हैं!!

Sayeed Pathan

एनडीटीवी : मसला सिर्फ एक चैनल या पत्रकार का नहीं है, पत्रकारों की एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित करने वाला मामला है !

Sayeed Pathan

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