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उतर प्रदेशलखनऊ

मंत्री राकेश सचान ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीएफसी का संचालन सुनिश्चित कराए जाने का दिया निर्देश

लखनऊः उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत निर्मित होने वाले सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) में ओडीओपी से जुड़े कारीगरों एवं किसानों को पूरा लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीएफसी का संचालन सुनिश्चित कराया जाये। सीएफसी में मिलने वाली सुविधाओं की दर निर्धारित होनी चाहिए और रेट कार्ड का डिस्प्ले सीएफसी पर प्रदर्शित किया जाये। कारीगरों, उद्यमियों एवं किसानों का सीएससी में किसी प्रकार का उत्पीड़न न होने पाये। इसकी नियमित समीक्षा भी की जाये।

श्री सचान ने यह निर्देश आज खादी भवन में एमएसएमई विभाग के एक वर्ष का रोडमैप/कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 06 सीएफसी का उद्घाटन हो चुक है, पांच अन्य का मार्च में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों से उद्घाटन प्रस्तावित है।

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उन्होंने शेष जनपदों में सीएफसी स्थापना के कार्य में जाये जाने के निर्देश उन्होंने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई में रोजगार की सबसे अधिक संभावनाएं है। इसलिए रोजगार तथा स्वरोजगार हेतु वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसको प्राप्त किया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की टूलकिट वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाये और पात्रों में ही टूलकिट का वितरण सुनिश्चित होना चाहिए। वितरण के उपरान्त समय-समय इसकी रैडम चेकिंग कराई जाये। लाभार्थियों के प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण का निर्धारित लक्ष्य समय से प्राप्त किया जाये।

अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई अमित मोहन प्रसाद ने एक वर्ष की कार्य योजना एवं उसकी अद्यतन प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ओडीओपी योजना को मिशन मोड में संचालित करने की कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में संचालित रोजगारपरक योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के तहत 253.92 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों के माध्यम से स्वीकृत कराया जा चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का 63 प्रतिशत है।

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आगामी मार्च तक निर्धारित लक्ष्य वार्षिक को प्राप्त कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि अवस्थापना सुविधाओं का विकास योजना के अंतर्गत औद्योगिक आस्थान फर्रूखाबाद एवं तालकटोरा (लखनऊ) एवं गोरखपुर में फलैटेड फैक्ट्री काम्पलेक्स शिलान्यस हेतु तैयार हैै। मऊ में कताई मिल का अधिग्रहण कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

बैठक में सचिव, एमएसएमई प्रांजल यादव सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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