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उतर प्रदेशलखनऊ

मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में ओ0पी0डी0 का किया शुभारम्भ

लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में ओ0पी0डी0 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भगवान शिव का तात्पर्य कल्याण है। इस क्षेत्र में आयुष पद्धति के माध्यम से चिकित्सा का मार्ग खुलना भगवान शिव व बाबा गोरखनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा व कृतज्ञता के भाव को व्यक्त करता है। आयुष विश्वविद्यालय में ओ0पी0डी0 सेवा प्रारम्भ होने से जनपद गोरखपुर व इसके आसपास के जनपदों के लोगों को आयुष (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा व होम्योपैथ) पद्धति के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बेहतरीन इलाज की सुविधा प्राप्त होगी। इस विश्वविद्यालय में नये सत्र से प्रवेश प्रारम्भ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आयुष पद्धति की धरती है। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने अगस्त, 2021 को रखी थी। यह विश्वविद्यालय परम्परागत चिकित्सा पद्धति के माध्यम से देश एवं प्रदेश के लोगों को सम्पूर्ण आरोग्यता प्रदान करने के केन्द्र की ओर आगे बढ़ रहा है। इस आयुष विश्वविद्यालय के माध्यम से हमारे युवाओं को उच्च शिक्षा अर्जित करने के लिए एक नया मंच प्राप्त होगा। आयुष विश्वविद्यालय डिप्लोमा व डिग्री कोर्स के साथ-साथ यहां के युवाओं को प्रशिक्षित भी करेगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से उत्तर प्रदेश ‘एक जनपद एक मेडिकल काॅलेज’ की ओर आगे बढ़ चुका है। जनपद गोरखपुर के मेडिकल काॅलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक की स्थापना की जा चुकी है। यहां एम्स सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। जनपद कुशीनगर एवं संतकबीरनगर में मेडिकल काॅलेज का निर्माण हो रहा है। जनपद महराजगंज में मेडिकल काॅलेज का निर्माण कार्य प्रारम्भ होने वाला है। जनपद देवरिया, सिद्धार्थनगर व बस्ती में मेडिकल काॅलेज संचालित हंै। प्रदेश सरकार द्वारा हर जनपद में एक मेडिकल काॅलेज की स्थापना की कार्यवाही तेजी से संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष पद्धति से किसानों एवं आम आदमी को लाभ होगा। किसान खेत में अगर औषधियों की खेती करना आरम्भ करेंगे तो उनको परम्परागत फसलों से ज्यादा दाम मिलेगा। आयुष विश्वविद्यालय औषधीय फसलों एवं उत्पादों का केन्द्र बनेगा। किसानों के जीवन में खुशहाली आयेगी और अनेक नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

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यह विश्वविद्यालय सैकड़ों लोगों को नौकरी तथा रोजगार देने का काम करेगा और हजारों लोगों के जीवन में परिवर्तन का एक कारक बनेगा। लोग जड़ी-बूटियों को उगाने का काम करेंगे, औषधीय खेती पर कार्य करेंगे, जिससे उन्हें व्यवसाय करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

अब गांव-गांव और घर-घर में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार के नये माध्यम प्राप्त होंगे। परिणामस्वरूप आरोग्यता के लिए पूरी दुनिया यहां आएगी।

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मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करते हुए प्रमाण-पत्र, चेक, चाबी, प्रदान कीं। इस दौरान सूचना विभाग द्वारा निर्मित चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों से सम्बन्धित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 दया शंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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