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धर्म/आस्था

गुरुनानक जयंती 27 नवम्बर:: क्या है गुरुनानक का संदेश और उनका महत्त्व,,जानने के लिए पढ़े ये पूरा आलेख

गुरुनानक जयंती हर साल धर्मिक उत्सव के रूप में मनाई जाती है, जिसमें सिख समुदाय गुरुनानक देव जी के जन्मदिन को ध्यान में रखता है। गुरुनानक जी सिख धर्म के प्रमुख गुरु थे और उनका जीवन संदेश, समाज में एकता, सेवा, और सच्चे मानवता के सिद्धांतों पर आधारित था।

उनका संदेश धर्मानुयायी था जो समाज में समरसता, स्वीकृति, और सच्ची उपेक्षा की भावना को प्रोत्साहित करता था। गुरुनानक जी ने समाज को धार्मिक और सामाजिक बंधनों से मुक्ति दिलाने का संदेश दिया।

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उनके जीवन के मूल मूल्यों में समाज में भाईचारा, समरसता, और सेवा का महत्त्व था। गुरुनानक जी ने सभी मानवों को एक समान अवस्था में देखने और सभी के अधिकारों का सम्मान करने का संदेश दिया।

उनके विचारों ने भारतीय समाज में सदाचार, धर्मनिरपेक्षता, और अन्याय के खिलाफ लड़ाई को प्रोत्साहित किया। गुरुनानक जी के सिख समुदाय ने उनके संदेश को अपनाया और उनके उपदेशों के आधार पर अपने जीवन को अनुकरण किया।

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गुरुनानक जी के जन्मदिन के अवसर पर, हमें उनके संदेश को स्मरण करना चाहिए और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में शामिल करने का संकल्प लेना चाहिए। गुरुनानक जी का संदेश हमें सभी मानवों के बीच सहयोग और प्यार की भावना को बढ़ावा देता है, जो समाज में एकता और सामरस्थ्य की दिशा में हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

गुरुनानक जयंती पर, हम सभी को गुरुनानक देव जी के उपदेशों और उनके जीवन के महत्त्वपूर्ण संदेशों को याद दिलाने का अवसर मिलता है। गुरुनानक देव जी ने समाज में समरसता, सहिष्णुता, और एकता के महत्त्व को प्रमाणित किया और उनके सिखों को इन नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

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उनके जीवन से हमें यह सिखने को मिलता है कि मानवता में सेवा, सच्चाई, और प्यार की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। गुरुनानक देव जी ने समाज में न्याय, धर्मनिरपेक्षता, और समरसता के सिद्धांतों को प्रमोट किया और उन्होंने इसे अपने उपदेशों और कर्मों के माध्यम से दिखाया।

उनके संदेशों में समाज में भाईचारा और समरसता की भावना होती है। उन्होंने विभिन्न समाजी वर्गों के बीच भेदभाव और असमानता के खिलाफ लड़ाई दी। उनके उपदेशों में समग्रता और सभी मानवों के अधिकारों का सम्मान किया गया।

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इस शानदार अवसर पर, हमें उनके संदेशों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए और उनके विचारों को अपने जीवन में शामिल करने का प्रतिबद्ध रहना चाहिए। गुरुनानक देव जी का संदेश हमें एक बेहतर समाज की दिशा में अग्रसर करता है, जो सभी मानवों को एकसाथ लाता है और एकता और सद्भावना की भावना को बढ़ावा देता है।

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